UP के बाराबंकी जिले के देवा में काफी प्राचीन हाजी वारिस शाह की दरगाह मौजूद है. यहां हर साल मेला लगता है. कहा जाता है कि ‘जो रब है वही राम’ का संदेश देकर सभी मजहबों के लोगों को एक धागे में पिरोने वाले मशहूर सूफी संत हाजी वारिस अली शाह के पिता कुर्बान अली शाह की याद में हर साल कार्तिक मास में दीवाली से पहले यहां मेला लगता है. दस दिनों तक चलने वाले इस मेले में खान-पान, लकड़ी, लोहे और चीनी मिट्टी के सामानों वाली तमाम दुकानों के अलावा खास तौर पर पशु बाजार, घोड़ा बाजार और गधा बाजार भी लगती है. (रिपोर्टः संजय यादव/ बाराबंकी)

