प्रोजेक्ट प्रमुख प्रो. राकेश तिवारी ने बताया कि चार वर्षों के प्रयास से यह दवा तैयार की गई है. 2019 में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौतों ने इस रिसर्च को शुरू करने के लिए प्रेरित किया Post navigation Mau News: योगासन खेल प्रतियोगिता में गगन ने मारी बाजी, जीता गोल्ड मेडल इस बार बाजार में इको फ्रेंडली दीयों की डिमांड, समूह की दीदीयां कर रहीं तैयार