उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के विकासखंड इटियाथोक के अंतर्गत भीखमपुरवा के एक शिक्षक जैविक खेती कर रहे हैं. जैविक खेती के साथ-साथ वह पहली बार जैविक तरीके से काले आलू की खेती करेंगे. शिक्षक मनोज मिश्रा प्राथमिक विद्यालय भीखमपुरवा में प्रिसिंपल के पद पर हैं. वह गन्ने की जैविक खेती करके जैविक गुड़ तक तैयार कर रहे हैं. इसके साथ ही वह लोगों को जैविक खेती करने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं. उनका कहना है कि जैविक खेती से तमाम प्रकार की बीमारियां दूर होती हैं और स्वादिष्ट और पौष्टिक आहार मिलता है. (रिपोर्टः रजनीश/ गोंडा)

