अमन का कहना है कि इस तरीके से खेती में जैविक खाद का उत्पादन किया जा सकता है, जो फसलों के उत्पादन में सहायक होगा. इस प्रोजेक्ट को अमन ने अपने अध्यापकों की मदद से तैयार किया है, जो खेती में कम लागत में अधिक मुनाफा देने की क्षमता रखता है. Post navigation बनारस से कम नहीं हैं गाजीपुर के 50 घाट, हर घाट की है एक अनोखी कहानी सुल्तानपुर की रोशनी ऐसे कर रही हैं अपने और परिवार का जीवन रोशन