UP Madrasa Act : सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने फैसला सुनाते हुए कहा, ‘‘ हम उत्तर प्रदेश मदरसा कानून की वैधता बरकरार रखते हैं और दूसरी बात यह कि यदि राज्य के पास विधायी शक्ति नहीं है, केवल तभी किसी कानून को खारिज किया जा सकता है.’’ Post navigation पेंटिंग में उस्ताद मंसूर से कम नहीं हैं सोनिका सिंह, घर को ही बनाया आर्ट गैलरी खुशखबरी! इस हेल्थ वेलनेस सेंटर पर अब मिलेगी 14 निशुल्क जांच, ग्रामीणों को राहत