राहुल मिश्रा ने बताया कि डीएपी की बढ़ती मांग को देखते हुए, मथुरा में किसानों के लिए खाद वितरण की व्यवस्था की गई है. वितरण के दौरान किसानों को नंबरों के आधार पर खाद दी जा रही है Post navigation इस खेती से युवा किसान की बदल गई तकदीर! सालाना हो रही 7 से 8 लाख की कमाई कम डीजल- कम मेहनत…किसानों के लिए बहुत फायदेमंद है ये ट्रैक्टर