इस पुराने मेले की परंपरा को फिर से जीवित किया गया है, जो पहले हाथी, घोड़े, भैंस जैसे पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए प्रसिद्ध था. लेकिन 40 वर्षों से यह परंपरा टूट गई थी. Post navigation मेधावी छात्रों को मिलेगा 10 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन जहरीली-प्रदूषित हवा है बहुत खतरनाक, बचना है तो जरूर अपनाएं ये टिप्स