Prayagraj News: 2025 में प्रयागराज की त्रिवेणी पर लगने वाले महाकुंभ में इस बाद शाही स्नान और पश्वयी की जगह किसी दूसरे नाम का इस्तेमाल किया जा सकता है. साधु-संतों की तरफ से इसे मुगलों का दिया नाम बताकर इसी जगह दूसरे नाम को रखने की मांग की गई है. Post navigation बांसुरी की सुरीली आवाज से गुब्बारों की बिक्री, ध्वनि का हर कोई है दीवाना नौ नाथों में एक है ये 5000 साल पुराना सत्यनाथ धाम! अघोरियों का है ध्यान केंद्र