Meerut News: मेरठ के लोअर कोर्ट ने 2015 के एक मामले में डाइंग डिक्लेरेशन के आधार पर आरोपी को आजीवन कारावास और 14,000 रुपये का जुर्माना लगाया है. इस निर्णय ने न्याय की उम्मीदों को बढ़ावा दिया है, जहां महिला का आखिरी बयान ही केस का मुख्य आधार बना. Post navigation कटेहरी सीट पर शोभावती वर्मा के लिए राह नहीं होगी आसान, बीजेपी की ख़ास तैयारी DDU के प्रो वीसी बने प्रो. शांतनु रस्तोगी, जानें किसने की नियुक्ति