Dussehra in Jhansi : राबिया बताती हैं कि वह सुबह उठकर नामज पढ़ती हैं फिर खाना बनाकर पति और बच्चों को खिलाती हैं, इसके बाद पुतले बनाने में जुट जाती हैं. उन्होंने यह काम अपने ससुर और पति से सीखा है.यह मुस्लिम परिवार बेहद खूबसूरती से इन पुतलों को बनाता है.

