Meerut News: उत्तर प्रदेश के एक गांव गगोल में 1857 से दशहरा नहीं मनाया जाता, बल्कि यहां इस त्योहार पर मायूसी रहती है और दुख के कारण घरों में चूल्हे तक नहीं जलते. गगोल ने लोगों ने बताया कि देश को आजाद कराने और अंग्रेजों को भारत से भगाने की क्रांति मेरठ से ही शुरू हुई थी; तब हमारे गांव के 9 लोगों को दशहरे के दिन ही फांसी दे दी गई थी. इसके बाद से यहां दशहरा नहीं मनाया जाता है.

