Premanand Ji maharaj: संत प्रेमानंद महाराज के अनुसार, नजर लगना प्रेम का एक अंग है. भगवान कृष्ण को भी नजर लगती थी और मां यशोदा उनकी नजर उतारती थीं. अत्यधिक प्रेम करने वाले व्यक्ति को नजर दोष लग सकता है. Post navigation यह ओपन यूनिवर्सिटी फ्री में कराएगी CSE और PCS की तैयारी, लॉन्च करेगी कोर्स रोजाना 25 लीटर तक दूध, ‘काला सोना’ है इस नस्ल की भैंस, पालकर बन जाएंगे मालामाल