दर्जी से सिलवाकर कुर्ता-पायजामा पहनने के दिन जैसे कहीं चले गए हैं. रेडीमेड कपड़ों की मार्केट ने इन कारीगरों की पूछ खत्म कर दी है. Post navigation 6 लोगों ने बदल दिया सैकड़ों का जीवन, पढ़ें गुड मॉर्निंग की रोचक कहानी पुराने कपड़े, जूते-चप्पल फेंके नहीं, नगर निगम को देकर पा सकते हैं गिफ्ट