Breaking
Sat. Aug 15th, 2026

ayodhya News : आमतौर पर जब कोई बैंक अकाउंट खोलता है तो अपने बेटे, पत्नी, पिता या माता को नॉमिनी बनाता है. लेकिन तब क्या होगा जब कोई संत अपना खाता खोलेगा? संतों का कोई अपना परिवार तो हो होता नहीं. यही दुविधा तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य के सामने भी थी.

By

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *