Sambhal Jama Masjid: बाबरनामा किताब में पेज नंबर 687 पर जिक्र है कि साल 1529 में बाबर संभल में आया था. बाबर ने जो आत्मकथा लिखी है, वो तुर्की भाषा में है, इसका अनुवाद एनेट सुसान्नाह बेवरिज ने किया था. Post navigation अब 70 साल के अधिक उम्र के बुजुर्गों का बन रहा आयुष्मान कार्ड, जानें प्रक्रिया यूपी पुलिस फिजिकल टेस्ट में न करें ये गलतियां, सरकारी नौकरी से होंगे आउट