यह पौध 20 से 25 दिन में तैयार करके किसानों को दी जाती है, जिससे इसमें निकासी व्यवस्था बहुत ही अच्छी होती है और कम पानी और कम समय में किसानों की यह फसल तैयार हो जाती है Post navigation एक्सपर्ट ने बताया ऐसा उपाय, अब हर कोई कर लेगा असली और नकली खोवा की पहचान FCI Jobs 2024: बिना परीक्षा 80,000 की नौकरी पाने का मौका