इतिहासकार डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय के अनुसार, पनपियाव जैसे देसी व्यंजन पोषण से भरपूर होते हैं और इनका स्वाद किसी भी महंगे रेस्टोरेंट के खाने से कम नहीं है. Post navigation कभी होता था विदेशों में निर्यात, आज मंदा पड़ गया है इटावा के बुनकरों का धंधा आलू-प्याज तो कुछ भी नहीं…सर्दियों में ये सब्जी बनाएगी मालामाल, जानें तरीका