यूपी के लखीमपुर जिले में किसान तालाब में सिंघाड़े की खेती करते हैं. जिसे अंग्रेजी में “वाटर चेस्ट नट” कहा जाता है. यह एक ऐसा फसल है, जो पानी में ही उगाया जाता है. इसकी खेती करके किसान कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. मानसून की बरसात शुरू होने के साथ ही सिंघाड़े की खेती करने वाले किसान इस फसल की बुवाई की तैयारी शुरू कर देते हैं. यानी की जून से लेकर अगस्त तक इस फसल की रोपाई की जाती है . सिंघाड़े की फसल 6 महीने में तैयार हो जाती है. (रिपोर्टः अतीश त्रिवेदी/ लखीमपुर)

