मझवां विधानसभा सीट कई दिग्गजों का राजनीतिक अखाड़ा रह चुका है. लोकपति त्रिपाठी भी यहां से विधायक चुने जा चुके हैं. साल 1952 में मझवां विधानसभा सीट अस्तित्व में आया था. क्षेत्र में ब्राह्मण और बिंद बिरादरी का ज्यादा दबदबा रहा है. Post navigation अयोध्या में बेहद खास होगा इस बार का दीपोत्सव, जानें कैसी है तैयारी Goat Milk: क्या सचमुच डेंगू को ठीक करता है बकरी का दूध? जानें एक्सपर्ट की राय