Dussehra 2024: शमशाद ने बताया कि डेढ़ महीने पहले से ही उनका परिवार इस काम में जुट जाता है. उनके नाना ने इस परंपरा की शुरुआत की थी जिसे अब उनका परिवार निभा रहा है. इस काम में उनके परिवार के करीब 12 सदस्य काम करते हैं. Post navigation आठ महीने इंतजार के बाद घने जंगलों में उगती है ये सब्जी, कीमत भी हाई UP में बच्चों के लिए स्पॉन्सरशिप योजना, हर महीने 4000 रुपये का मिलेगा लाभ