ट्रेनों के निरस्तीकरण का मुख्य कारण तीसरी लाइन का प्री-नॉन इंटरलॉकिंग कार्य है, जो यातायात में बाधा उत्पन्न कर रहा है. पहले, यात्री भटनी से अयोध्या के बीच पैसेंजर ट्रेन से महज 10 रुपये में यात्रा कर लेते थे. लेकिन अब, प्राइवेट वाहनों के माध्यम से यात्रा करने पर उन्हें लगभग 200 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं.

