इटावा जिले में पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों को जागरूक करने की एक अनूठी पहल शुरू की है. हर साल फसल कटाई के बाद पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और मिट्टी की उर्वरता में कमी को देखते हुए इस बार प्रशासन ने किसानों के साथ सीधी बातचीत का रास्ता अपनाया है. संगोष्ठियों के माध्यम से किसानों को पराली जलाने के बजाय इसे सही तरीके से प्रबंधित करने के उपाय सुझाए जा रहे हैं, ताकि न केवल उनकी फसल की गुणवत्ता बेहतर हो, बल्कि पर्यावरण भी सुरक्षित रहे.

