Maa Vindhyavasini Dham: गंगोत्री से निकलकर पहाड़ों के बीच से होकर गुजरने वाली गंगा विंध्य पर्वत पर आकर विशेष हो जाती है. मां विंध्यवासिनी की नगरी में आकर स्वयं गंगा आनंदित महसूस करती है. पंडित अनुपम महराज ने बताया कि यह सबसे उत्तम स्थान है. यहां मां विंध्यवासिनी विंध्य पर्वत के शिखर पर विराजमान है.

