ये डलिया फर्रुखाबाद की पहचान बन चुकी है.यहां के कारीगर सैकड़ो बरसों से इसे बनाते आ रहे हैं.कमालगंज क्षेत्र के कई ऐसे गांव है जहां पर ग्रामीण इस लकड़ी से कारीगरी करके अपना गुजारा करते हैं. Post navigation सर्दियों में ड्राई स्किन से हैं परेशान, तो अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय Ram Mandir : अयोध्या में ठंड ने दी दस्तक…बदला रामलला का राग-भोग