उत्तर प्रदेश के 260 गांवों को ईको विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा. किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा. जल संरक्षण के लिए रिसाइकिल तकनीक का इस्तेमाल होगा और इसको सिंचाई से लेकर पेयजल तक में इस्तेमाल किया जाएगा. सभी चयनित ईको विलेज को टूरिस्ट विलेज के रूप में भी विकसित करने की योजना है.

