जब जज्बा और हुनर दिल में हो, तो उम्र और स्थिति कोई बाधा नहीं बन सकती. सेवानिवृत्ति के बाद जहां लोग आराम की जिंदगी जीने की योजना बनाते हैं, वहीं अमेठी के हरिराम तिवारी ने एक नया सफर शुरू किया है. एक सेवानिवृत्त शिक्षक ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपनी बगिया को औषधीय पौधों से हरा-भरा किया है, बल्कि वह आज लोगों के जीवन को स्वस्थ बनाने में भी अपना योगदान दे रहे हैं.

