लखनऊ में 1858 में देश में पहला आधुनिक प्रिंटिंग प्रेस खोला गया. ये ऐसी प्रेस थी जिसने उर्दू से लेकर अंग्रेजी औऱ हिंदी तक हजारों तरह की अलग अलग किताबें छापीं. रामचरित मानस को भी सबसे पहले छापने का श्रेय इसी नवल किशोर प्रेस को जाता है. Post navigation एसडीएम की गाड़ी पर हूटर बजाकर हो रहा था बार बालाओं का डांस, वीडियो वायरल प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली 14 और पंचकोसी परिक्रमा, टूटे सभी रिकॉर्ड