Inspiration: साल 1975 से हरीराम अपनी बगिया में औषधीय पौधे तैयार कर रहे हैं. नौकरी के बाद रिटायर होने पर उन्होंने ये काम शुरू किया और आज न जाने कितने लोग इससे फायदा उठा रहे हैं. Post navigation यूपी के इस शहर में टूटा 73 साल का रिकॉर्ड, दिवाली पर थे गर्मी जैसे हालात इस गांव के लोगों के नाम कर देंगे हैरान, सिंह-कुमार नहीं, लगाते हैं ऐसे टाइटल