Navatri 2024: पुजारी संतोष बताते हैं कि पुराने समय में कालीबाड़ी मंदिर में बकरे की बलि दी जाती थी. लेकिन अब ये परंपरा बंद हो गयी है. बकरे की जगह अब पेठे की बलि दी जाती है. Post navigation किसी परिचय का मोहताज नहीं है यह युवा सिंगर, कमाल का गाते हैं भक्ति गीत यहां मिल रही है NET-JRF की फ्री कोचिंग, 1 रुपया भी नहीं होगा खर्च