Drip Irrigation Method in Farming: टपक सिंचाई में पानी का 95% तक उपयोग हो जाता है, जिससे मृदा की उपजाऊ शक्ति और उर्वरता बढ़ती है. इस पद्धति से खरपतवार का प्रकोप कम होता है, भूमि नमी के संतुलन में रहती है, और कवक जैसे रोग भी नहीं पनपते हैं. Post navigation ग्रेटर नोएडा में NCR के IPL का फाइनल आज, दिल्ली vs गाजियाबाद की है भिड़ंत RBI में नौकरी पाने का शानदार अवसर, बिना लिखित परीक्षा का होगा चयन