सर्दियों के आगमन के साथ ही आरती के समय में बदलाव कर दिया गया है ताकि श्रद्धालु आसानी से इस महाआरती में शामिल हो सकें. Post navigation गोबर से बनाए चाबी के छल्ले, मोबाइल रेडिएशन से बचाने का दावा 300 साल पुराना है यह मंदिर, यहां एक साध्वी ने की थी घोर तपस्या