ट्रेन के नीचे चिंगारी निकल रही थी. रेल कर्मी के पास रुकवाने के लिए न तो झंडी थी, न लाइट थी और न ही कोई लाल कपड़ा था. उसने तुंरत विवेक का परिचय देते हुए कुछ ऐसा किया, जिससे लोकोपायलट ने ट्रेन रोक दी. Post navigation शरद पूर्णिमा पर कब खुले आसमान में रखें खीर? भगवान कृष्ण से क्या है कनेक्शन इस खादी मेले में मिलेगा सब कुछ, बनारसी साड़ी बनी आकर्षण का केंद्र