आयोजक भिक्षुक भिखारी जंगली दास दीनबंधु रमाशंकर गिरी जी महाराज ने बताया कि इस महायज्ञ में तुलसी को जड़ी-बूटियों की रानी और अश्वगंधा को महाराजा माना जाता है. Post navigation गेहूं की बुवाई के 24 घंटे बाद करें ये काम…खेत से गायब हो जाएंगे खरपतवार दूल्हे के जीजा ने बजवाया अपनी पसंद का गाना, दुल्हन ने तोड़ दी शादी