चौथी कक्षा में एक गंभीर बीमारी के चलते उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें AIIMS में भर्ती कराना पड़ा. परिवार के लोग चिंतित थे, लेकिन उसी अस्पताल में एक महिला डॉक्टर की निस्वार्थ सेवा और मुस्कान ने सुमिता को प्रेरित कर दिया. Post navigation बाराबंकी में बनेगा बोटिंग क्लब, काशी की तर्ज पर होगा कॉरिडोर का निर्माण रागी के केक से लेकर बाजरे के बिस्किट तक, अंजू मिलेट्स से बनाती हैं ये उत्पाद