लोकल 18 से बातचीत में कारीगर विधि चंद विश्वकर्मा ने बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से इस मेले में अपने लकड़ी के सामान लेकर आते हैं. Post navigation इन छोटे दानों के धुएं से पाएं हर दर्द से छुटकारा, खांसी-जुकाम में भी असरदार बाराबंकी: पराली जलाने पर कड़ी कार्रवाई, 15 हजार मीट्रिक टन जमा