बेहट का गांव नुनिहारी, ऑर्गेनिक खेती के क्षेत्र में मिसाल बनता जा रहा है. यहां के किसान सुरेंद्र कुमार ने देसी वैरायटी की चिरवा लौकी को बचाने और बढ़ावा देने का बीड़ा उठाया है. यह प्राचीन किस्म, जिसे किसान लगभग भूल चुके थे, अब सुरेंद्र की मेहनत से एक बार फिर चर्चा में है.
चिरवा लौकी आकार में गोल होती है और इसका वजन 3 से 5 किलो तक होता है. इसका स्वाद अन्य लौकियों से कहीं ज्यादा बेहतर है. मार्केट में इसकी मांग अधिक और दाम भी बेहतर मिलते हैं. सुरेंद्र कुमार इसे पूरी तरह ऑर्गेनिक तरीके से उगाते हैं, जिसमें न तो रासायनिक दवाओं की जरूरत पड़ती है और न ही महंगे खाद की.

