बहराइच के किसान जगरन्नाथ मौर्या की कहानी हमें बताती है कि कैसे पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक जैविक तरीकों का मेल मुनाफा और सेहत दोनों ला सकता है. देसी मिर्च की जैविक खेती में माहिर जगरन्नाथ न सिर्फ अपने खेतों में बिना रसायनों के फसल उगाते हैं, बल्कि उनकी गायों का गोबर और मूत्र उनकी खेती के लिए उर्वरक का काम करता है. आइए जानें, कैसे उनकी मेहनत और ज्ञान ने उनके खेतों को लाभकारी बना दिया है और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं को नई उम्मीद दी है.

