Kaal Bhairav Jayanti: कहा जाता है कि काल भैरव ने ब्रह्मा जी के घमंड को चूर करने के लिए उनके जलते हुए सिर को काट दिया. इससे उन पर ब्रह्म हत्या का दोष लग जिसके बाद भगवान शिव ने उनको सभी तीर्थों का भ्रमण कर प्रायश्चित करने को कहा,जिसके बाद वे तीर्थ यात्रा पर निकल गए.
