Sultanpur News: सोमवती का किताबों और पढ़ाई-लिखाई से कोई खास नाता नहीं रहा, लेकिन गुजरात में पली-बढ़ी इस महिला ने अपने परिवार से पारंपरिक कला सीखी. इस कला ने उनके दिमाग और हाथों को ऐसा हुनर दिया कि आज वह अपने पैरों पर खड़ी हैं. Post navigation कृषि यंत्र खरीदने के लिए सरकार दे रही है सब्सिडी, इस वेबसाइट से भर दें फॉर्म पराली का इन 5 तरीकों से करें निपटारा…खेत बन जाएगा जैविक खाद का ‘कारखाना’!