बाजार में बदलाव की बयार ने चूड़ा, तिलवा और गुड़ जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों की मांग को प्रभावित किया है. व्यापारियों का कहना है कि पहले जहां लोग मकर संक्रांति के एक महीने पहले ही इन वस्तुओं की खरीदारी कर लेते थे, अब फास्ट फूड और चीनी युक्त खाद्य पदार्थों की बढ़ती लोकप्रियता ने उनकी आजीविका पर गहरी चोट दी है. गाजीपुर के व्यापारी जो पिछले 25 सालों से इस व्यवसाय में हैं. उन्होंने बताया कि हर साल 5-10 रुपए की मामूली मूल्यवृद्धि के बावजूद लोगों की दिलचस्पी कम होती जा रही है. (रिपोर्टः सुधांशु/ गाजीपुर)

